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एक तीर लगा और जल गया अहंकार
विजयादशमी पर शहर में मंगलवार को रावण दहन के दो आयोजन हुए। रात करीब ९ बजे दशहरा उपलक्ष्य समिति के तत्वावधान में दशहरा मैदान में 71 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। इसके बाद रात 9.30 बजे राजस्थान नवयुवक मंडल ने ग्रेसिम खेल परिसर में 51 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया। दोनों ही स्थानों पर दहन के पूर्व पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर आकर्षक आतिशबाजी का नजारा भी देखने को मिला। दोनो पुतले अलग-अलग कलाकारों ने बनाए थे।
राजस्थान नवयुवक मंडल के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत मुख्य अतिथि थे, जबकि दशहरा मैदान में समिति के अध्यक्ष बद्रीलाल पोरवाल व अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में रावण का दहन किया गया। दोनों स्थानों पर हजारों लोग मौजूद थे। इसके अलावा शहर में अन्य कई स्थानों पर भी बच्चों ने 5 से लेकर 8 फीट तक पुतलों का दहन किया। दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर और बड़ों के चरण स्पर्श कर दशहरा की बधाई दी ।
तीर लगा और जल उठा दशानन
दशहरा मैदान में रावण दहन करने के लिए प्रतिवर्षानुसार इस साल भी लक्कड़दास मंदिर से भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण के साथ हनुमानजी की सवारी बैंडबाजों के साथ आयोजन स्थल पहुंची। सवारी के साथ शीतलानंद व्यायामशाला के पहलवान प्रर्दशन करते चल रहे थे। रात 8 बजे सवारी दशहरा मैदान पहुंची। यहां भगवान श्रीराम और रावण के मध्य युद्ध हुआ। उसके बाद श्रीराम के हाथों से पुतले को अग्निबाण मारा गया। समिति सदस्यों ने पुतला बनाने वाले कलाकारों का सम्मान भी किया गया। संचालन समिति उपाध्यक्ष जगदीश मेहता ने किया। संरक्षक बालेश्वरदयाल जायसवाल, कोषाध्यक्ष राधेश्याम कामरिया, संयोजक कृष्णकांत जायसवाल, कैलाश रघुवंशी मौजूद थे।
ग्रेसिम खेल परिसर में पहुंचे केंद्रीय मंत्री
बिरलाग्राम स्थित ग्रेसिम खेल परिसर में दहन केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। रात 9.30 बजे विधि विधान के साथ पूजन कर पुतले का दहन किया गया। इसके पूर्व नगरपालिका की ओर से हुई आतिशबाजी ने सबका मन मोह लिया। लोगों के मनोरंजन के लिए झूले-चकरी और खान-पान की कई दुकानें लगाई गईं। मंत्री के अलावा पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत, नपाध्यक्ष अशोक मालवीय, असंगठित कामगार बोर्ड के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत मौजूद थे। संचालन नपा उपाध्यक्ष सज्जन शेखावत ने किया।